Welcome to भीमसत्व स्टुडियो BhimSattva Studio 🙏
I am Abhishek Ravi Wasnik (A.R. Wasnik), a music composer, lyricist, and digital creator from Nagpur, Maharashtra, India.
🎵 CURRENTLY LIVE:
Enjoy our high-impact original music and Qawwalis. 100% of the lyrics, core themes, and concepts are originally penned by me.
🚀 FUTURE VISION (UPCOMING):
We are expanding into a digital studio to bring you:
• 🎬 Motivational & Biographical Short Films on Indian historical icons.
• 💡 Social Awareness & Knowledgeable Videos spreading education and equality.
I responsibly use advanced AI tools (Suno AI & Google Labs Flow) as creative assistants. We hold full commercial licenses for all assets.
Our mission is to promote the principles of humanity, Tathagat Buddha, Samrat Ashoka, Sant Kabeer, Guru Ravidas, Shivaji Maharaj, Mahatma Phule, Shahu Maharaj, And Dr Babasaheb Ambedkar.
Subscribe to support us! Thank you 🙏
💙 Jai Bhim 🙏 Namo Buddhay ☸️
---
🌐 Contact info :
Email ID: bhimsattva@gmail.com
BhimSattva Studio
💙 डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की कौन-सी पुस्तक आपने सबसे पहले पढ़ी थी, या आपको सबसे ज़्यादा प्रेरित करती है? 🤔
नीचे दिए गए विकल्पों में से अपना जवाब कमेंट में लिखिए! 👇
💙 अगर कोई और पुस्तक आपकी पसंदीदा है, तो उसका नाम भी कमेंट में ज़रूर लिखें।
🔥 देखते हैं सबसे ज़्यादा लोग किस पुस्तक को चुनते हैं!
#DrBabasahebAmbedkar #JaiBhim #NamoBuddhay #BhimSattvaStudio #Ambedkarite #AbhishekWasnik
2 months ago | [YT] | 9
View 1 reply
BhimSattva Studio
जातिवाद और आरक्षण पर मेरी व्यक्तिगत राय
भारत में जातिवाद और आरक्षण पर दशकों से बहस होती आ रही है। कोई आरक्षण को सामाजिक न्याय का माध्यम मानता है, तो कोई इसे समानता के विरुद्ध बताता है। लेकिन मुझे लगता है कि हम अक्सर उस मूल कारण पर चर्चा ही नहीं करते, जहाँ से असमानता की शुरुआत होती है।
मेरी राय में यदि वास्तव में ऐसा भारत बनाना है जहाँ भविष्य में जातिवाद भी समाप्त हो और आरक्षण जैसी व्यवस्थाओं की आवश्यकता भी धीरे-धीरे कम हो सके, तो सबसे पहले अवसरों की असमानता समाप्त करनी होगी।
मेरे अनुसार देश के सभी निजी स्कूल, निजी कॉलेज और बड़े निजी शैक्षणिक संस्थानों को या तो सरकार अपने अधीन ले ले, या ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि पूरे देश में शिक्षा की गुणवत्ता पूरी तरह समान हो। हर बच्चे को निःशुल्क और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिले। किसी बच्चे को केवल इसलिए बेहतर शिक्षा न मिले क्योंकि उसके माता-पिता अमीर हैं, और किसी बच्चे को केवल इसलिए कमजोर शिक्षा न मिले क्योंकि उसका परिवार गरीब है।
IAS, IPS, न्यायाधीश, मंत्री, सांसद, विधायक, उद्योगपति, किसान, मजदूर, SC, ST, OBC, EWS, सामान्य वर्ग—हर परिवार के बच्चे एक ही स्तर के सरकारी स्कूलों में पढ़ें। सभी को समान शिक्षक, समान किताबें, समान प्रयोगशालाएँ, समान खेल सुविधाएँ, समान डिजिटल संसाधन, समान पोषण और समान अवसर मिलें। जब देश के सबसे प्रभावशाली लोगों के बच्चे भी उसी व्यवस्था में पढ़ेंगे, तब उस व्यवस्था को उत्कृष्ट बनाना हर सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बन जाएगा।
इसी प्रकार स्वास्थ्य सेवाओं में भी समानता होनी चाहिए। मेरी राय है कि जब तक कोई बच्चा अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर लेता, तब तक उसके इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाए। बीमारी छोटी हो या बड़ी, किसी भी बच्चे की पढ़ाई केवल इसलिए नहीं रुकनी चाहिए कि उसके परिवार के पास इलाज के पैसे नहीं हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य किसी भी देश की सबसे बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी होनी चाहिए, न कि केवल आर्थिक क्षमता पर निर्भर सुविधाएँ।
मेरे विचार से अवसरों की समानता केवल स्कूल और अस्पताल तक सीमित नहीं होनी चाहिए। हर बच्चे को समान पोषण, पुस्तकें, यूनिफॉर्म, परिवहन, इंटरनेट, डिजिटल डिवाइस, खेल और सीखने के संसाधन भी उपलब्ध होने चाहिए। यदि शुरुआत सबकी समान होगी, तभी प्रतियोगिता भी वास्तव में समान कहलाएगी।
मेरा यह भी मानना है कि यदि हम सच में जातिवाद को कमजोर करना चाहते हैं, तो केवल लोगों से अपील करने से बदलाव नहीं आएगा। लोग सदियों से चली आ रही सामाजिक पहचान आसानी से नहीं छोड़ते। इसलिए यदि भविष्य में कभी इस दिशा में कदम बढ़ाना हो, तो सरकार और समाज दोनों को मिलकर ऐसी नीतियाँ बनानी होंगी जो धीरे-धीरे जातिसूचक पहचान के महत्व को कम करें। मेरी व्यक्तिगत राय है कि एक समय ऐसा आए जब सार्वजनिक जीवन में जातिसूचक उपनामों का प्रयोग समाप्त हो जाए और व्यक्ति की पहचान उसके नाम, उसके काम, उसके व्यवहार और उसके चरित्र से हो, न कि उसकी जाति से।
जब बचपन से सभी बच्चों को समान शिक्षा, समान स्वास्थ्य, समान अवसर और समान सम्मान मिलेगा, तब समाज में वास्तविक समानता की मजबूत नींव पड़ेगी। उसके बाद देश लोकतांत्रिक प्रक्रिया, संविधान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह विचार कर सकता है कि आरक्षण जैसी नीतियों का स्वरूप क्या होना चाहिए। मेरा उद्देश्य किसी भी वर्ग या समुदाय के अधिकारों का विरोध करना नहीं है। मेरा उद्देश्य केवल यह कहना है कि यदि जीवन की शुरुआत सभी के लिए वास्तव में समान हो, तो समाज भी अधिक समान बन सकता है।
मुझे लगता है कि जब तक शिक्षा और स्वास्थ्य में दो अलग-अलग भारत बने रहेंगे—एक अमीरों का और एक गरीबों का—तब तक केवल आरक्षण पर बहस से स्थायी समाधान निकालना कठिन रहेगा।
मेरा सपना ऐसा भारत है जहाँ किसी बच्चे से यह न पूछा जाए कि वह किस जाति का है, बल्कि यह पूछा जाए कि उसके सपने क्या हैं। जहाँ स्कूल एक जैसे हों, अस्पताल एक जैसे हों, अवसर एक जैसे हों और सम्मान भी एक जैसा हो। जहाँ जन्म नहीं, बल्कि मेहनत, प्रतिभा, चरित्र और इंसानियत पहचान बने।
यह मेरी व्यक्तिगत राय है। इसका उद्देश्य किसी भी समाज, जाति या समुदाय का विरोध करना नहीं, बल्कि समान अवसरों पर आधारित भारत की कल्पना रखना है। असहमति हो सकती है, लेकिन चर्चा तर्क, तथ्यों और सम्मान के साथ होनी चाहिए।
— BhimSattvaStudio
💙 जय भीम
🇮🇳 जय भारत
📖 जय संविधान
2 months ago | [YT] | 6
View 0 replies
BhimSattva Studio
💖 दिल को छू जाएगी 💯 यह बाबासाहब की कव्वाली ! 🙏 अवश्य देखिए | #drbabasahebambedkar #bhimqawwalisong #sufiqawwali
2 months ago | [YT] | 2
View 2 replies
BhimSattva Studio
💙 डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर पर आपको किस तरह के Songs सबसे ज़्यादा पसंद हैं? 🎶
🗳️ अपना जवाब Comment में A, B, C या D लिखकर बताइए।
3 months ago | [YT] | 2
View 0 replies