Kalavyom Studio & Foundation : A Confluence of Culture, Creativity, and Art.
Kalavyom is a multidimensional cultural organization dedicated to nurturing creative energy through music, art, literature, education and skill development. The organization is founded on the belief that art is not merely a form of entertainment, but a powerful force that brings sensitivity to thoughts, strengthens social bonds, enriches humanity, and makes life more meaningful.
The name “KalaVyom” itself reflects its vision, an open “sky” where every color, form, and expression of art is free to explore, evolve, and flourish. In the present time, when the depth of art and cultural activities is gradually diminishing, Kalavyom offers a strong platform where artists can refine their talents, society can reconnect with its cultural roots, and new ideas can emerge and grow.
The purpose of Kalavyom is clear : To bring art to every layer of life and create positive social change through creativity.
KalaVyom Studio
कलाव्योम फाउंडेशन द्वारा राजकीय बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गंगधार (झालावाड़, राजस्थान) में शास्त्रीय संगीत की कार्यशाला: स्टूडेंट्स को स्वर, लय, ताल और वाद्ययंत्रों की बारीकियां सिखाई.
2 weeks ago | [YT] | 2
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कलाव्योम फाउंडेशन ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नाग खजुरी, जिला मंदसौर (मध्यप्रदेश) में शास्त्रीय संगीत कार्यशाला आयोजित की। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्वर, लय, ताल और गायन के साथ तानपुरा, हारमोनियम एवं तबले के महत्व और उपयोग की जानकारी प्राप्त की।
2 weeks ago | [YT] | 2
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कलाव्योम फाउंडेशन द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नाग खजुरी (मंदसौर, मध्यप्रदेश) में शास्त्रीय संगीत कार्यशाला आयोजित की गई। विद्यार्थियों को स्वर, लय, ताल, राग तथा तानपुरा, हारमोनियम और तबले की जानकारी दी गई। कलाकारों ने प्रत्यक्ष गायन-वादन प्रदर्शन किया। अध्यक्ष अशोक श्रीमाल ने विद्यार्थियों को कला से जुड़कर सांस्कृतिक विरासत समझने के लिए प्रेरित किया.
2 weeks ago (edited) | [YT] | 0
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कलाव्योम फाउंडेशन एवं नृत्य सरगम कथक, ठाणे के संयुक्त तत्वावधान में 19-20 सितंबर को दो दिवसीय कथक कार्यशाला ठाणे (महाराष्ट्र) में आयोजित हुई। कथक विशेषज्ञ सुश्री मनाली मोहिते ने युवाओं को ताल, मुद्राएं, पद संचालन, ठाट-अंदाज एवं गत-निकास का प्रशिक्षण दिया। युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
3 weeks ago | [YT] | 0
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कलाव्योम फाउंडेशन की पहल से कथक प्रशिक्षण
ठाणे। कलाव्योम फाउंडेशन एवं नृत्य सरगम कथक, ठाणे के संयुक्त तत्वावधान में 19-20 सितंबर को दो दिवसीय कथक कार्यशाला आयोजित हुई। कथक विशेषज्ञ सुश्री मनाली मोहिते ने युवाओं को ताल, मुद्राएं, पद संचालन, ठाट-अंदाज एवं गत-निकास का प्रशिक्षण दिया। युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
@CMOMaharashtra
3 weeks ago | [YT] | 0
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KalaVyom Studio
KALAVYOM FOUNDATION
and
NRITYA SARGAM KATHAK, THANE
Jointly Organize
Two-Day Kathak Workshop & Demonstration
Presentation & Guidance by
Ms. Manali Mohite
(Kathak Expert & Renowned Artist)
19th-20th September 2026
Nritya Sargam Kathak, Shop No. 3, First Floor, Cosmos Spring, Owale, Ghodbunder Road, Thane West, (Maharashtra) 400615
@MinistryofCultureGovtofIndia @maharashtratimes @V_Maharashtra_9_10 @ThaneLive
3 weeks ago | [YT] | 1
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कलाव्योम फाउंडेशन की राष्ट्रीय मासिक सांस्कृतिक शृंखला के अंतर्गत 11 सितंबर 2026 को कुबेर बैंक्वेट, भोपाल में सामूहिक तबला वादन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारत के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ओ.पी. रावत मुख्य अतिथि तथा मध्यप्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त श्री राजेश भट्ट कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे।
युवा कलाकारों ने तीनताल में फर्रुखाबाद एवं दिल्ली घराने की पारंपरिक शैलियों के अंतर्गत पेशकार, कायदे, रेले, टुकड़े एवं चक्करदार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा कलाकारों को मंच प्रदान करना तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत, गुरु-शिष्य परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी तक हस्तांतरण को प्रोत्साहित करना रहा।
@gssjodhpur @MinistryofCultureGovtofIndia @culturedepartmentmadhyapradesh @jansamparkmpofficial @Patrika @DainikJagran @dainikbhaskar4540 @haribhoomitv
1 month ago | [YT] | 0
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कलाव्योम फाउंडेशन की लोकप्रिय राष्ट्रीय मासिक सांस्कृतिक शृंखला के अंतर्गत सामूहिक तबला वादन कार्यक्रम का आयोजन कुबेर बैंक्वेट, भोपाल में किया गया। सांगीतिक संध्या में ताल अकादमी ऑफ तबला के युवा कलाकारों ने अपनी सधी हुई और प्रभावशाली प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में भारत के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ओ.पी. रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि मध्यप्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त श्री राजेश भट्ट ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
सामूहिक तबला वादन में युवा कलाकारों ने अपनी लयकारी और ताल की शानदार प्रस्तुति से श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संस्कृति प्रेमी, संगीत रसिक और कला क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की।
1 month ago | [YT] | 2
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क्षिप्रा नदी संरक्षण एवं स्वच्छता अभियान के अंतर्गत नदी पूजन एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
देवास। क्षिप्रा नदी के संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण जागरूकता को लेकर कलाव्योम फाउंडेशन द्वारा क्षिप्रा नदी तट पर विशेष नदी संरक्षण एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विधिवत क्षिप्रा नदी का पूजन कर नदी की निर्मलता, अविरलता एवं संरक्षण की कामना की गई।
कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित लोक कलाकार श्री कालूराम बामनिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने नदी संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और जीवन का आधार हैं। इनके संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
इस अवसर पर कलाव्योम फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री अशोक, प्रमुख पर्यावरणविद् श्री ओमप्रकाश जगावत, श्री ओमप्रकाश शर्मा सहित सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरण क्षेत्र से जुड़े अनेक लोग उपस्थित रहे।
नदी पूजन के पश्चात उपस्थित लोगों ने क्षिप्रा नदी एवं उसके आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने तथा नदी में किसी भी प्रकार का कचरा, प्लास्टिक अथवा प्रदूषित सामग्री नहीं डालने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को नदी संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि क्षिप्रा नदी का धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यंत व्यापक है। ऐसे में क्षिप्रा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनभागीदारी के माध्यम से ही नदी संरक्षण के प्रयासों को स्थायी और प्रभावी बनाया जा सकता है।
कलाव्योम फाउंडेशन द्वारा नदी संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और भारतीय संस्कृति से जुड़े ऐसे अभियानों को निरंतर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। कार्यक्रम का समापन “स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल क्षिप्रा” के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
1 month ago | [YT] | 0
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भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाई जाने वाली भगवान श्री बलराम जयंती की हार्दिक बधाई। इस पावन दिवस को हल छठ पर्व के रूप में भी मनाया जाता है।
भगवान श्री बलराम जी सभी को सुख-समृद्धि और प्रगति प्रदान करें।
1 month ago | [YT] | 2
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