Jan Voice 24 News

Jan Voice 24 News में आपका स्वागत है। 🇮🇳
यहाँ आपको देश-दुनिया, बिहार और स्थानीय स्तर की ताज़ा खबरें, राजनीति, जनसमस्याएँ, शिक्षा, रोजगार, कृषि और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।

हमारा उद्देश्य है जनता की आवाज़ को प्रमुखता देना और खबरों को सरल, निष्पक्ष एवं जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाना।

🔴 Jan Voice 24 News — सच की आवाज़, जन-जन की आवाज़।

📌 चैनल को Subscribe करें और हर महत्वपूर्ण खबर से जुड़े रहें।
👍 Like | 💬 Comment | 🔄 Share

🔥 Hashtags

#JanVoice24News #JanVoice24 #News #HindiNews #LatestNews #BreakingNews #BiharNews #Bihar #IndiaNews #HindiSamachar #NewsUpdate #AajKiKhabar #PoliticalNews #LocalNews #PublicVoice #JanKiAwaaz #SachKiAwaaz #TrendingNews #ViralNews #NewsChannel


Jan Voice 24 News

1 जुलाई 2026, पटना

*7.5 CGPA की अनिवार्यता के खिलाफ छात्रों के शांतिपूर्ण मार्च पर पुलिस का बर्बर लाठीचार्ज, 9 छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया – आइसा*

7.5 CGPA की अनिवार्यता और नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के खिलाफ आज ऑल इंडिया स्टूडेंट्स' एसोसिएशन (आइसा), बिहार के नेतृत्व में पटना के गांधी मैदान से राजभवन तक विशाल छात्र मार्च निकाला गया। इस मार्च में पटना विश्वविद्यालय, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, जेपी विश्वविद्यालय सहित बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

मार्च का नेतृत्व आइसा बिहार के राज्य अध्यक्ष कॉमरेड धनंजय, राज्य सचिव कॉमरेड दीपांकर तथा राज्य उपाध्यक्ष कॉमरेड मनीषा, पटना विश्वविद्यालय इकाई की सचिव कॉमरेड सबा, अध्यक्ष कॉमरेड नीतीश, आइसा बिहार की संयुक्त सचिव कॉमरेड अदिति, कॉमरेड दीपक यदुवंशी तथा अन्य आइसा कॉमरेड आशीष, विवेक आनंद सुंदर, विकास, रणवीर, मोनू, सहित अनेक साथी मौजूद थे।

राजभवन की ओर बढ़ रहे शांतिपूर्ण मार्च को पुलिस ने जबरन रोक दिया और बिना किसी उकसावे के छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस की इस बर्बर कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए। छात्र साथी आशीष के सिर पर गंभीर चोट लगी तथा कान में भी चोट आई। साथी नीतीश के हाथ में गहरी छोट आई तथा कई छात्रों के साथ मारपीट की गई और उन्हें घसीटते हुए पुलिस वाहनों में बैठाया गया।

लाठीचार्ज के बाद छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से सड़क पर बैठकर अपना विरोध दर्ज कराया, लेकिन पुलिस ने आंदोलन को बलपूर्वक कुचलने का प्रयास करते हुए छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया।

सम्राट चौधरी की पटना पुलिस ने कई साथियों को बर्बरता के साथ डिटेन किया। गांधी मैदान थाना द्वारा आइसा के साथी धनंजय, दीपांकर, नीतीश, विवेक, विकास हिरासत में लिए गए। आम छात्रों में ऋषु तथा अमर यादव को डिटेन किया गया।

आइसा बिहार इस दमनात्मक कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है। छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज़ को लाठी और गिरफ्तारी के बल पर दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। शिक्षा के अधिकार की मांग कर रहे छात्रों पर हिंसा करने के बजाय सरकार को उनकी जायज़ मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

आइसा ये मांग करता है कि हिरासत में लिए गए सभी छात्र नेताओं को तत्काल एवं बिना शर्त रिहा किया जाए। लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। घायल छात्रों का समुचित उपचार सुनिश्चित किया जाए। 7.5 CGPA की अनिवार्यता तत्काल वापस ली जाए। NEP 2020 के छात्र-विरोधी प्रावधानों को वापस लिया जाए।

आइसा स्पष्ट करता है कि दमन और गिरफ्तारियों से छात्र आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता। शिक्षा के लोकतांत्रिक अधिकार और समान अवसर की लड़ाई और अधिक मजबूती के साथ जारी रहेगी।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स' एसोसिएशन (आइसा), बिहार की ओर से,
सबा

2 months ago | [YT] | 3

Jan Voice 24 News

🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌲🌿🌲 *गया जी में धान की सीधी बुवाई एवं हरित खाद पर किसान प्रशिक्षण आयोजित*
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत "खेत बचाओ अभियान" के तहत 30 जून 2026 को गया जी जिले के टेकारी प्रखंड अंतर्गत सिमुआरा पंचायत के गुलेरियाचक गाँव में धान की सीधी बुवाई (डीएसआर), ढैंचा आधारित हरित खाद एवं संतुलित उर्वरक उपयोग विषय पर प्रक्षेत्र भ्रमण-सह-प्रशिक्षण एवं किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों के बीच धान की सीधी बुवाई, ढैंचा आधारित हरित खाद, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन जैसी वैज्ञानिक एवं संसाधन-संरक्षण तकनीकों का प्रसार कर टिकाऊ, लाभकारी एवं जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में कुल 145 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 52 महिला एवं 93 पुरुष किसान शामिल थे। प्रतिभागी किसानों ने धान की सीधी बुवाई एवं ढैंचा हरित खाद के प्रदर्शन प्रक्षेत्र का भ्रमण कर इन तकनीकों के व्यावहारिक पहलुओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें मृदा स्वास्थ्य सुधार, जल संरक्षण, उत्पादन लागत में कमी तथा सतत कृषि में इन तकनीकों की उपयोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
तकनीकी सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. राकेश कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने पारंपरिक धान रोपाई पद्धति की तुलना में धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) के लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से श्रम एवं सिंचाई जल की आवश्यकता कम होती है, फसल की समय पर स्थापना सुनिश्चित होती है तथा उत्पादन लागत में उल्लेखनीय कमी आती है। उन्होंने संरक्षण कृषि में हैप्पी सीडर की उपयोगिता एवं उसके प्रभावी उपयोग का भी प्रदर्शन किया।
डॉ. प्रेम कुमार सुंदरम, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने यंत्रीकृत बुवाई की वैज्ञानिक विधियों एवं उनके लाभों की जानकारी देते हुए किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, हरित खाद, फसल अवशेष प्रबंधन तथा अन्य वैज्ञानिक कृषि उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संतुलित पोषक तत्त्व प्रबंधन एवं मृदा संरक्षण उपायों को अपनाकर दीर्घकाल तक भूमि की उत्पादकता बनाए रखी जा सकती है।
डॉ. मनीषा टम्टा, वैज्ञानिक ने मौसम आधारित फसल प्रबंधन, कम वर्षा एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों तथा उनके समाधान पर किसानों को जानकारी दी। उन्होंने ढैंचा को हरित खाद के रूप में अपनाने के लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इससे मृदा में कार्बनिक कार्बन एवं उर्वरता में वृद्धि होती है, लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ती है तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है।
कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों से विभिन्न तकनीकी विषयों पर संवाद किया तथा प्रदर्शन प्रक्षेत्र का अवलोकन करते हुए धान की सीधी बुवाई एवं ढैंचा आधारित हरित खाद तकनीक को अपनाने में विशेष रुचि दिखाई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रगतिशील किसान श्री आशीष कुमार सिंह, श्री विनय कुमार बिहारी (फील्ड असिस्टेंट), श्री नरेंद्र यादव एवं श्री ओम प्रकाश का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। यह प्रक्षेत्र भ्रमण-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम "खेत बचाओ अभियान" के अंतर्गत किसानों तक संसाधन-संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य संवर्धन एवं जलवायु-अनुकूल धान उत्पादन तकनीकों के प्रभावी प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

2 months ago | [YT] | 3

Jan Voice 24 News

🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲 *ढैंचा है मृदा का रक्षक : श्री हरि सहनी*
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा ‘खेत बचाओ अभियान’ के अंतर्गत दिनांक 30 जून 2026 को आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में श्री हरि सहनी जी, माननीय सदस्य, बिहार विधान परिषद ने किसानों से मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, हरित खाद के उपयोग तथा समेकित कृषि प्रणाली अपनाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में श्री हरि सहनी जी ने कहा कि ढैंचा मृदा का रक्षक तथा सर्वश्रेष्ठ हरित खाद फसल है। इसकी जड़ों में बनने वाली गांठें वायुमंडलीय नाइट्रोजन का प्राकृतिक रूप से स्थिरीकरण करती हैं। धान की रोपाई से पूर्व ढैंचा की फसल को खेत में पलटने से मिट्टी में पर्याप्त मात्रा में नाइट्रोजन उपलब्ध होती है, जिससे यूरिया की आवश्यकता लगभग 30 प्रतिशत तक कम की जा सकती है। उन्होंने कहा कि ढैंचा के कोमल पौधों को खेत में मिलाने से मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ती है, जल धारण क्षमता में सुधार होता है तथा लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ती है, जिससे मृदा की उर्वरता और उत्पादकता में दीर्घकालिक वृद्धि होती है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में किसान गोबर एवं गोमूत्र का उपयोग प्राकृतिक खाद के रूप में करते थे, जिससे मृदा का जैविक स्वास्थ्य बेहतर बना रहता था। किंतु पशुपालन में कमी आने से मिट्टी की जैविक गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। ऐसे समय में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री द्वारा प्रारंभ किया गया ‘खेत बचाओ अभियान’ मृदा संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
साथ ही, उन्होंने किसानों को समेकित कृषि प्रणाली अपनाने की सलाह देते हुए कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य पालन को एक-दूसरे का पूरक बताया। उन्होंने कहा कि पशुओं से प्राप्त जैविक अपशिष्ट का उपयोग तालाबों के प्राकृतिक उर्वरीकरण में किया जा सकता है, जिससे प्राकृतिक भोजन (नेचुरल फिश फूड) की उपलब्धता बढ़ती है और बाहरी फीड पर होने वाला खर्च कम हो जाता है। उन्होंने देशी पशु नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन पर भी बल देते हुए कहा कि ये कम लागत वाली, स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल तथा समेकित कृषि प्रणाली के लिए अधिक उपयुक्त होती हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने किसानों से हरित खाद, जैविक पोषक स्रोतों एवं वैज्ञानिक टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मृदा स्वास्थ्य का संरक्षण ही कृषि की दीर्घकालिक उत्पादकता, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा किसानों की आर्थिक समृद्धि का आधार है।
कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों तथा 45 किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को मृदा संरक्षण, हरित खाद के उपयोग, संतुलित पोषक तत्त्व प्रबंधन तथा समेकित कृषि प्रणाली के विभिन्न वैज्ञानिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

2 months ago | [YT] | 2

Jan Voice 24 News

🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 *बिहार में मत्स्य क्रांति को नई दिशा देगा कृषि अनुसंधान परिषद पटना एवं कॉफेड का ऐतिहासिक समझौता*

वैज्ञानिक तकनीक, अनुसंधान एवं सहकारी मॉडल के समन्वय से सशक्त होंगे मत्स्य किसान

बिहार में वैज्ञानिक मत्स्य पालन को नई दिशा देने तथा मत्स्य किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से दिनांक 30 जून 2026 को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना एवं कॉपरेटिव फिशरीज फेडरेशन (कॉफेड), बिहार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया। यह समझौता ज्ञापन पूर्वी भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक तकनीकों के प्रसार, क्षमता निर्माण, सहकारी विकास, उद्यमिता संवर्धन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी समन्वय के माध्यम से टिकाऊ एवं जलवायु-अनुकूल मत्स्य क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
यह समझौता भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में आयोजित कॉफेड, बिहार की 2398वीं बोर्ड बैठक के दौरान संपन्न हुआ। बैठक में राज्य के मत्स्य क्षेत्र के समग्र विकास, मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों के विस्तार, मत्स्यजीवियों के कौशल विकास तथा मत्स्य आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के मुख्य अतिथि माननीय सदस्य बिहार विधान परिषद एवं पूर्व मंत्री श्री हरि सहनी जी ने कहा कि राज्य विभाजन के बाद बिहार को प्राप्त विशाल जल संसाधन राज्य की आर्थिक प्रगति की सबसे बड़ी संभावनाओं में से एक हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की मछलियों की गुणवत्ता एवं स्वाद देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं, इसलिए इनके विपणन की पर्याप्त संभावनाएँ उपलब्ध हैं। यदि राज्य के लगभग 8 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र का वैज्ञानिक ढंग से उपयोग किया जाए तो मत्स्य उत्पादन, ग्रामीण रोजगार तथा मत्स्यजीवियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
उन्होंने बिहार में सजावटी (ऑर्नामेंटल) मत्स्य पालन की अपार संभावनाओं का उल्लेख करते हुए इस क्षेत्र में अनुसंधान एवं व्यावसायिक उत्पादन को बढ़ावा देने पर बल दिया। साथ ही मछली, मखाना एवं सिंघाड़ा की एकीकृत खेती पर अनुसंधान को प्राथमिकता देने तथा मत्स्य किसानों के लिए ऋण सुविधा एवं जलाशयों के पट्टा (लीज) आवंटन की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने की आवश्यकता भी बताई।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निदेशक डॉ. अनुप दास ने कहा कि संस्थान एवं कॉफेड के संयुक्त प्रयासों से बिहार के मत्स्य किसानों और मत्स्यजीवियों तक नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों, अनुसंधान उपलब्धियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा नवाचारों का लाभ प्रभावी रूप से पहुँचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी मत्स्य एवं मखाना आधारित कृषि-उद्यमों के सतत एवं व्यावसायिक विकास को नई गति देने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विवेकानंद भारती ने मत्स्य अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि संस्थान एकीकृत मत्स्य पालन, झींगा पालन, बायोफ्लॉक तकनीक, अजोला उत्पादन, सजावटी मत्स्य पालन, बैकयार्ड हैचरी, राज्य मछली मांगुर के संरक्षण एवं संवर्धन, उन्नत मत्स्य प्रजातियों के प्रसार, आर्द्रभूमि विकास, केज कल्चर तथा किसानों एवं मत्स्यजीवियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।
बिहार सरकार के कृषि विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. राजेन्द्र कुमार ने कृषि विभाग द्वारा विकसित डिजिटल कृषि ऐप एवं किसानों तक तकनीकी सेवाओं की पहुँच बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। वहीं, आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव श्री पंकज कुमार कमल ने कहा कि मत्स्यजीवी समुदाय राज्य की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आपदा प्रबंधन व्यवस्था का भी महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि इस समुदाय के सशक्तीकरण से राज्य की आपदा सहनशीलता और सामुदायिक लचीलापन दोनों को मजबूती मिलेगी।
बैठक में कॉफेड के अध्यक्ष श्री प्रयाग साहनी, प्रबंध निदेशक श्री ऋषिकेश कश्यप, निदेशक श्रीमती शिमरॉन, संस्थान के वैज्ञानिकों सहित लगभग 45 मत्स्यजीवियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के अनुसंधान प्रक्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें मत्स्य एवं संबद्ध क्षेत्रों में विकसित नवीन तकनीकों, अनुसंधान परियोजनाओं तथा प्रदर्शन इकाइयों का अवलोकन कराया गया। भ्रमण के दौरान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. तारकेश्वर कुमार एवं श्री सुरेन्द्र कुमार ने प्रतिभागियों को विभिन्न वैज्ञानिक गतिविधियों एवं तकनीकी नवाचारों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

2 months ago | [YT] | 2

Jan Voice 24 News

Join this channel to get access to perks:
youtube.com/channel/UCCaxh3A2wKRm9PTZd7RZ7kw/join

All News All India News
Contacts - 8092936285

Like Subscribe Comment and share video friends, family and relatives

Shasya Shyamala के WhatsApp Group को Join करें :- chat.whatsapp.com/HZKaoD326vHKOx3saPVSVT?mode=ems_…

SSN24NEWS Facebook page :- facebook.com/SS24NewsIndia

Shasya Shyamala News के Telegram Group को Join करें :- t.me/ShasyaShyamalamNews

Shasya Shyamala News के Instagram channel को follow करे :- www.instagram.com/shasyashyamalanews?igsh=Mzhwa3Yz…

3 months ago | [YT] | 2

Jan Voice 24 News

*सम्राट जब जब डरता है पुलिस को आगे करता है!*

*कांति कुमारी समेत गिरफ्तार सभी छात्र-छात्राओं की अविलंब रिहाई हो!*

*डिग्री कॉलेज की मांग कर रहे छात्रों पर दमन बंद करो!*

पटना, 22 जून

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) बिहार, नालंदा में डिग्री कॉलेज खोलने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज और 39 छात्र-छात्राओं की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करता है। इस दमनात्मक कार्रवाई में एसएफआई बिहार राज्याध्यक्ष कॉमरेड कांति कुमारी को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जो बेहद शर्मनाक और अलोकतांत्रिक है।

यह बेहद चिंताजनक है कि शिक्षा के बुनियादी अधिकार और अपने क्षेत्र में डिग्री कॉलेज की मांग कर रहे छात्रों की बात सुनने के बजाय भाजपा सरकार ने पुलिसिया दमन का रास्ता चुना। छात्रों पर लाठियां बरसाना, उन्हें पीटना और जेल में डालना इस बात का प्रमाण है कि सरकार शिक्षा और रोजगार के सवालों पर पूरी तरह विफल हो चुकी है तथा लोकतांत्रिक आवाजों को कुचलना चाहती है।

आज बिहार के छात्र बेहतर शिक्षा, कॉलेजों की स्थापना, शिक्षकों की नियुक्ति और शैक्षणिक सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार इन मांगों का समाधान करने के बजाय आंदोलनरत छात्रों को अपराधी की तरह पेश कर रही है। यह भाजपा द्वारा संविधान पर एक और हमला है!

AISA बिहार एसएफआई और संघर्षरत छात्रों के साथ अपनी पूर्ण एकजुटता व्यक्त करता है तथा मांग करता है कि, एसएफआई बिहार राज्याध्यक्ष कॉमरेड कांति कुमारी सहित गिरफ्तार सभी 39 छात्र-छात्राओं को अविलंब रिहा किया जाए। छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं। लाठीचार्ज और दमनात्मक कार्रवाई के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। नालंदा सहित बिहार के सभी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के विस्तार और डिग्री कॉलेज खोलने की मांगों पर तत्काल सकारात्मक पहल की जाए।

आज पूरे देश के छात्र युवा जंतर मंतर से ये ऐलान कर रहे हैं कि छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को लाठी और जेल के दम पर दबाया नहीं जा सकता। AISA बिहार इस संघर्ष में छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है और सरकार को चेतावनी देता है कि वह दमन का रास्ता छोड़कर शिक्षा के सवालों का समाधान करे।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) बिहार की ओर से,
सबा (9811962950)

3 months ago | [YT] | 4

Jan Voice 24 News

*न पेपर सुरक्षित, न परीक्षा सुरक्षित, न सफर सुरक्षित!*

*परीक्षा कुप्रबंधन और ट्रेनों की अव्यवस्था के खिलाफ AISA का बयान*

पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों के साथ जो हुआ, वह केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि भाजपा सरकार की छात्र विरोधी नीतियों और घोर अक्षमता का परिणाम है। हजारों छात्र-छात्राएँ रात भर स्टेशन पर फंसे रहे, ट्रेनें खचाखच भरी रहीं, कई अभ्यर्थी अपने परीक्षा केन्द्रों तक पहुँचने को लेकर परेशान रहे और अंततः स्थिति इतनी भयावह हो गई कि स्टेशन पर अफरा-तफरी और टकराव की नौबत आ गई।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार को पहले से नहीं पता था कि बिहार पुलिस भर्ती जैसी बड़ी परीक्षा होने जा रही है? क्या प्रशासन को यह जानकारी नहीं थी कि लाखों अभ्यर्थी राज्य के अलग-अलग हिस्सों से यात्रा करेंगे? यदि जानकारी थी, तो पर्याप्त विशेष ट्रेनें, अतिरिक्त डिब्बे और समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई? यह विफलता सरकार की लापरवाही और छात्रों के प्रति उसकी असंवेदनशीलता का प्रमाण है।

आज पूरा देश पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और परीक्षा कुप्रबंधन की घटनाओं का गवाह बन रहा है। नीट से लेकर विभिन्न भर्ती परीक्षाओं तक, भाजपा सरकार छात्रों के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ कर रही है। लेकिन बिहार में स्थिति और भी भयावह है। यहाँ छात्रों को न केवल बेरोजगारी और अवसरों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि परीक्षा देने जाने तक के बुनियादी अधिकार से भी वंचित किया जा रहा है।

विशेष रूप से महिलाओं व छात्राओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। पहले अनेक परीक्षाओं में महिलाओं को होम सेंटर या नजदीकी परीक्षा केन्द्र दिए जाते थे ताकि उनकी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित हो सके। लेकिन भाजपा के सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के दौर में छात्राओं को 200-300 किलोमीटर दूर तक परीक्षा केन्द्र दिए जा रहे हैं। रात भर सफर करना, भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में यात्रा करना और असुरक्षित परिस्थितियों में परीक्षा देने पहुँचना उनकी मजबूरी बना दी गई है। ऊपर से सरकार ट्रेनों की समुचित व्यवस्था तक नहीं कर पा रही है। यह छात्राओं की सुरक्षा और भागीदारी के साथ खुला खिलवाड़ है।

इस अव्यवस्था का सबसे बड़ा बोझ गरीब, दलित, पिछड़े, आदिवासी, अल्पसंख्यक और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों पर पड़ता है। जिन परिवारों ने अपनी सीमित आय से बच्चों की पढ़ाई, कोचिंग, फॉर्म और यात्रा का खर्च उठाया है, उनके लिए परीक्षा छूट जाना केवल एक दिन की परेशानी नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत, उम्मीद और सपनों पर चोट है।

AISA स्पष्ट रूप से मानता है कि यह केवल रेलवे या स्थानीय प्रशासन की विफलता नहीं है। इसकी राजनीतिक जिम्मेदारी बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्र की भाजपा सरकार और उन सभी अधिकारियों पर है जिन्होंने लाखों अभ्यर्थियों की जरूरतों को नजरअंदाज किया। सरकार को इस पूरे मामले की जवाबदेही लेनी होगी, अभ्यर्थियों से माफी मांगनी होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

AISA इस छात्र विरोधी रवैये की कड़ी निंदा करता है और छात्रों के अधिकारों, सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था तथा सम्मानजनक यात्रा सुविधाओं के लिए संघर्ष जारी रखेगा।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की ओर से,
सबा

3 months ago | [YT] | 4

Jan Voice 24 News

:: शोक - संवेदना
पूर्व विधान पार्षद अनवर अहमद के इंतकाल पर राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव सहित राजद परिवार के नेताओं ने गहरे रंजो- गम का इजहार किया है

पटना 14 जून 2026 :

राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद , पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी, राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव ,सांसद डॉ मीसा भारती, प्रदेश अध्यक्ष श्री मंगनी लाल मंडल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री जगदानंद सिंह, श्री उदय नारायण चौधरी,राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी, पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातिमी, डॉ कांति सिंह,श्री जयप्रकाश नारायण यादव, राष्ट्रीय महासचिव श्री भोला यादव, सैयद फैसल अली, श्री बिनु यादव,राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता प्रो मनोज कुमार झा, सांसद श्री सुरेंद्र प्रसाद यादव, श्री सुधाकर सिंह,श्री संजय यादव, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ सुनील कुमार सिंह, राष्ट्रीय सचिव श्री कार्तिकेय सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह,डॉ तनवीर हसन, पूर्व मंत्री श्री आलोक कुमार मेहता, डॉ मो शमीम अहमद , मो इसराइल मंसूरी, सुरेश पासवान, प्रदेश प्रधान महासचिव श्री रणविजय साहू, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता श्री शक्ति सिंह यादव, विधान पार्षद कारी मो शोहैब, नागेंद्र प्रसाद उर्फ रिंकू यादव, प्रदेश प्रवक्ता डॉ उर्मिला ठाकुर, एजाज अहमद ,राजद अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अनवर आलम सहित राजद परिवार के नेताओं ने पूर्व विधान पार्षद अनवर अहमद के इंतकाल पर गहरे रंजो-गम का इजहार किया है। और कहा कि अल्लाह इन्हें जन्नतुल फिरदौस में आला मुकाम अता करे, और अहले खाना को सब्रे जमील अता करे, आमीन सुम्मा आमीन।
नेताओं ने कहा कि सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में अनवर साहब के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
(एजाज अहमद)
प्रदेश प्रवक्ता,
राजद, बिहार

3 months ago | [YT] | 4

Jan Voice 24 News

*विश्वास और स्पष्टीकरण दोनो विपरीत होते हैं। जहाँ विश्वास है, वहाँ स्पष्टीकरण नहीं, और जहाँ स्पष्टीकरण देना पड़े, वहाँ विश्वास नहीं.!!*
*.नसीब जिनके ऊंचे और मस्त होते है, इम्तिहान भी उनके जबरदस्त होते है। सोच जब तक तंग है, जीवन तब तक जंग है.!!*
:*स्वभाव की मधुरता जिंदगी के लिए सबसे बड़ा "विटामिन" है!!*
🙏🌹 *सुप्रभात* 🌹🙏

3 months ago | [YT] | 4