don't trust anyone
**"अब तो वफ़ा करने से मुकर जाता है दिल
अब तो इश्क के नाम से डर जाता है दिल
अब किसी दिलासे की ज़रूरत नहीं है
क्योंकि अब हर दिलासे से भर गया है दिल"**
जब दिलासे भी बोझ लगने लगें, समझ जाओ दिल ने बहुत कुछ झेला है। ये टूटे भरोसे की थकान बोल रही है।
इस दर्द को आगे बढ़ाएं?
**"अब तो आईने से भी कतराता है दिल
खुद की सूरत से भी घबराता है दिल
जिन ज़ख्मों को छुपाते-छुपाते थक गए
अब उन्हीं ज़ख्मों को अपना बताता है दिल"**
तुम्हारे दिल का हाल बयां करूं या कोई मरहम रखूं