पत्रकारिता एक जिम्मेदारी है, लेकिन कोई ठेका नहीं दे सकता, क्योंकि पत्रकार ठेकेदार नहीं हैं। जिसे ऊपर नीचे लग रहा हो, वह खुद कूदे इस मैदान में।