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Greetings from Law With KR.

आज होगा संगम की भूमि पर शिक्षा का महासंगम

जी हाँ, "एक बार फिर है मौका Law With KR के ऑनलाइन बैच में नि:शुल्क कोचिंग करने का" फिर से प्रदेश के आर्थिक रूप से पिछड़े व मेधावी अभ्यर्थियों को संस्थान द्वारा प्रमुख प्रोफेशनल कोर्स व प्रतियोगी परीक्षाओं की निः शुल्क कोचिंग प्रदान की जाएगी।

"तो बिना समय गंवाए, शुरू करें तैयारी सिलेक्शन वाली" दोगुनी खुशी के साथ,

"गुणवत्ता मूलक शिक्षा " हर घर तक पहुँचाने का मेरा सपना अब वास्तव में पूरा हो सकेगा।

RJS की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों की तैयारी को एक नया आयाम देने के लिए Law With KR लेकर आया है विशेषज्ञों की टीम द्वारा निर्मित सम्पूर्ण ऑनलाइन कोर्स । जिसमें वर्षों का अनुभव रखने वाले अनुभवी विषय विशेषज्ञ आपको RJS परीक्षा के प्रारंभिक चरण से लेकर साक्षात्कार तक की सम्पूर्ण तैयारी करवाएंगे जो कि आपकी तैयारी में मील का पत्थर साबित होगा।

यदि आप गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं करते हैं, तो Law With KR में आपका हार्दिक स्वागत है।

तो अब सोचना किस बात का, आज ही बढ़ाएं सफलता की ओर अपना पहला कदम |


INDIAN LEGEND

भारतीय चित्रकार राजा रवि वर्मा
▪️ प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार राजा रवि वर्मा जन्म का जन्म 29 अप्रैल, 1848 को त्रावणकोर (केरल) के एक कुलीन परिवार में हुआ था।
▪️ उन्हें भारतीयों को उनके हिंदू देवी-देवताओं के पश्चिमी, शास्त्रीय प्रतिनिधित्व देने के लिए याद किया जाता है।
▪️ त्रावणकोर के तत्कालीन शासक अयिलम थिरुनाल के संरक्षण में , उन्होंने शाही चित्रकार रामास्वामी नायडू से पानी के रंग की पेंटिंग सीखी, और बाद में डच कलाकार थियोडोर जेन्सेन से तेल चित्रकला में प्रशिक्षित हुए।
▪️ राजा रवि वर्मा ने करीब सात हजार पेंटिंग बनाई ।
▪️ हिंदू पौराणिक आकृतियों को चित्रित करने के अलावा, वर्मा ने कई भारतीयों के साथ-साथ यूरोपीय लोगों के चित्र भी बनाए।
▪️ वर्मा ने पोर्ट्रेट और लैंडस्केप पेंटिंग दोनों पर काम किया , और उन्हें ऑइल पेंट्स का उपयोग करने वाले पहले भारतीय कलाकारों में माना जाता है।
▪️ उन्होंने लिथोग्राफिक प्रेस पर अपने काम के पुनरुत्पादन में महारत हासिल की - जिसके माध्यम से उनके चित्र दूर-दूर तक फैले।
▪️ लिथोग्राफिक प्रेस इस सिद्धांत पर आधारित मुद्रण की एक विधि है कि तेल और पानी मिश्रित नहीं होते हैं।
▪️ वर्मा की प्रसिद्ध रचनाओं में दमयंती एक हंस से बात कर रही है, शकुंतला दुष्यंत की तलाश में है, नायर महिला अपने बालों को संवार रही है, शांतनु और मत्स्यगंधा इत्यादि शामिल हैं।
▪️ इन्हें वर्ष 1904 में, ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार द्वारा ‘कैसर-ए-हिंद’ स्वर्ण पदक से सम्मानित किया।
▪️ वर्ष 2013 में, बुध ग्रह पर एक क्रेटर का नाम उनके सम्मान में रखा गया था।
▪️ राजा रवि वर्मा का देहांत 2 अक्टूबर, 1906 को तिरुवनंतपुरम में हुआ।

3 years ago | [YT] | 4

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विश्व मलेरिया दिवस
● विश्व मलेरिया दिवस 25 अप्रैल को प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला एक वैश्विक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम है, जो मलेरिया से निपटने और उन्मूलन के लिए आवश्यक कार्रवाई को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्थानीय और सरकारी स्वास्थ्य सेवा प्राधिकरणों और नीति निर्माताओं के लिए एक वैश्विक आह्वान है।
● विश्व मलेरिया दिवस पहली बार वर्ष 2008 में आयोजित किया गया था। इसे ‘अफ्रीका मलेरिया दिवस’ से विकसित किया गया था, यह वर्ष 2001 से विभिन्न अफ्रीकी देशों की सरकारों द्वारा मनाया जा रहा था।
● मलेरिया एक मच्छर जनित रक्त रोग (Mosquito Borne Blood Disease) है जो प्लाज़्मोडियम परजीवी (Plasmodium Parasites) के कारण होता है। यह मुख्य रूप से अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और एशिया के उष्णकटिबंधीय एवं उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है।
● इस परजीवी का प्रसार संक्रमित मादा एनाफिलीज़ मच्छरों (Female Anopheles Mosquitoes) के काटने से होता है।
● मानव शरीर में प्रवेश करने के बाद परजीवी शुरू में यकृत कोशिकाओं के भीतर वृद्धि करते हैं, उसके बाद लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells- RBC) को नष्ट कर देते हैं, जिसके परिणामस्वरूप RBCs की क्षति होती है।
● अधिकांश रोगी उपचार के बाद मलेरिया के लक्षणों से जल्दी ठीक हो जाते हैं, लेकिन यदि उपचार में देरी की जाए तो गंभीर मलेरिया एनीमिया, सेरेब्रल मलेरिया, कोमा या मृत्यु जैसी गंभीर जटिलताएँ हो सकती हैं।
● विश्व मलेरिया दिवस 2023 की थीम ‘टाइम टू डिलीवर मलेरिया: इन्वेस्ट, इनोवेट, इम्प्लीमेंट’ है, जो पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में जरूरतमंद लोगों तक पहुँचने के लिए वर्तमान में उपलब्ध उपकरणों और रणनीतियों को लागू करने का आह्वान है।

3 years ago | [YT] | 4

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#judgements
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बंबई हाई कोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि एक विवाहित महिला को घर का काम करने के लिए कहे जाने का मतलब यह नहीं है कि उसके साथ 'नौकरानी' जैसा व्यवहार किया जा रहा है. औरंगाबाद खंडपीठ के जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और जस्टिस राजेश एस पाटिल की एक आवेदन पर विचार कर रही थी. महिला ने अपने पति और उसके परिवार के सदस्यों पर 498 ए (पति और रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता) समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया था. #court #supremecourt

3 years ago (edited) | [YT] | 7