🕉️🌄युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्री गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में आयोजित 'सप्त दिवसीय पुण्यतिथि समारोह' के अंतर्गत आज 'श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान-यज्ञ' के पंचम दिवस पर कथा व्यास श्रीमज्जगद्गुरु द्वाराचार्य, अग्रपीठाधीश्वर एवं मलूकपीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज ने लव-कुश के नामकरण संस्कार, गोसेवा तथा गुरुकुल शिक्षा पर विस्तार से वर्णन किया।
कथा व्यास ने कहा कि जीवन में गुरु-कृपा का विशेष महत्व है। एक सच्चा गुरु अपने शिष्य पर पूर्ण कृपा करे तो शिष्य का कल्याण सुनिश्चित होता है। भगवान की लीला में भक्तों को विस्मित नहीं होना चाहिए, अपितु उसमें शंका रहित होकर विश्वास करना चाहिए, क्योंकि ईश्वर सर्वशक्तिमान हैं। जो धर्मनिष्ठ, सदाचारी संत होते हैं, उनका जागृत भी सत्य होता है और स्वप्न भी सत्य होता है। ऐसे संतजनों का दर्शन कर लेने मात्र से जीव का कल्याण हो जाता है।
उन्होनें कहा कि जीवन में विपरीत परिस्थिति आने पर व्याकुल न होकर धैर्य रखना चाहिए, अन्यथा नई बीमारी उत्पन्न हो जाती है। आज समाज में डिप्रेशन की बीमारी का बहुत प्रभाव हो गया है। इसका मुख्य कारण भगवान के प्रति विश्वास की कमी है। हम भगवान को मानते तो हैं, लेकिन वैसा नहीं मानते जैसा मानना चाहिए। भगवान की शरणागति ही हमारा लक्ष्य है। सभी जीवों का अपना घर भगवान की शरणागति ही है। जब तक वह नहीं मिलेगा, तब तक हमारा प्रवास ही रहेगा।
गोविंदा की शरणागति करने का सामर्थ्य गोमाता में ही है। गोसेवा करने पर, उनकी कृपा से भगवान का साक्षात दर्शन हो जाता है। भगवान श्रीकृष्ण भी गोसेवा की कामना से ब्रज में आकर प्रत्यक्ष गोसेवा का सौभाग्य प्राप्त करते हैं। श्रीकृष्ण को हम पाना चाहते हैं और श्रीकृष्ण गाय को पाना चाहते हैं। इसलिए गाय की सेवा करो, श्रीकृष्ण स्वयं प्राप्त हो जाएंगे।
कथा व्यास ने कहा कि हमारा शरीर और यह संसार हमारा नहीं है, यह तो पराया है। हमारे अपने तो केवल भगवान ही हैं। इसलिए भगवान हमें पकड़े रहते हैं। हम भले ही उनको भूल जाते हैं, पर वे हमें कभी नहीं भूलते। इस बात की अनुभूति हम नहीं कर पाते, इसलिए दुःखी@ रहते हैं। यदि अनुभूति हो जाए तो हम दुःखी नहीं होंगे। संत समागम 🚩🕉️ आदेश 🕉️ कथा वाचक आचार्य संत योगी महेन्द्र नाथ जी 🚩 जय श्री राम 🚩 गोरख पुर सांसद रवी शंकर भी शामिल हुए 🚩
🇮🇳देश की आजादी को ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य बनाकर अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले अमर क्रांतिकारी भगत सिंह की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।
राष्ट्र के स्वाभिमान और गौरव की रक्षा हेतु उनका साहस, त्याग एवं बलिदान हम सभी के लिए चिरकाल तक प्रेरणापुंज बना रहेगा।🚩 जय श्री राम 🕉️ भाव मई श्रद्धाजलि अर्पण करते हुए संत योगी महेन्द्र नाथ जी महाराज 🕉️ आदेश 🕉️
Yogi Mahendra Nath
Jai Shree Mahakal
1 week ago | [YT] | 31
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Yogi Mahendra Nath
1 week ago | [YT] | 17
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Yogi Mahendra Nath
2 weeks ago | [YT] | 25
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Yogi Mahendra Nath
2 weeks ago | [YT] | 18
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Yogi Mahendra Nath
2 weeks ago | [YT] | 28
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Yogi Mahendra Nath
2 weeks ago | [YT] | 26
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Yogi Mahendra Nath
1 month ago | [YT] | 38
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Yogi Mahendra Nath
🕉️🌄युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 57वीं एवं राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्री गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर में आयोजित 'सप्त दिवसीय पुण्यतिथि समारोह' के अंतर्गत आज 'श्रीमद्भागवत महापुराण कथा ज्ञान-यज्ञ' के पंचम दिवस पर कथा व्यास श्रीमज्जगद्गुरु द्वाराचार्य, अग्रपीठाधीश्वर एवं मलूकपीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज ने लव-कुश के नामकरण संस्कार, गोसेवा तथा गुरुकुल शिक्षा पर विस्तार से वर्णन किया।
कथा व्यास ने कहा कि जीवन में गुरु-कृपा का विशेष महत्व है। एक सच्चा गुरु अपने शिष्य पर पूर्ण कृपा करे तो शिष्य का कल्याण सुनिश्चित होता है। भगवान की लीला में भक्तों को विस्मित नहीं होना चाहिए, अपितु उसमें शंका रहित होकर विश्वास करना चाहिए, क्योंकि ईश्वर सर्वशक्तिमान हैं। जो धर्मनिष्ठ, सदाचारी संत होते हैं, उनका जागृत भी सत्य होता है और स्वप्न भी सत्य होता है। ऐसे संतजनों का दर्शन कर लेने मात्र से जीव का कल्याण हो जाता है।
उन्होनें कहा कि जीवन में विपरीत परिस्थिति आने पर व्याकुल न होकर धैर्य रखना चाहिए, अन्यथा नई बीमारी उत्पन्न हो जाती है। आज समाज में डिप्रेशन की बीमारी का बहुत प्रभाव हो गया है। इसका मुख्य कारण भगवान के प्रति विश्वास की कमी है। हम भगवान को मानते तो हैं, लेकिन वैसा नहीं मानते जैसा मानना चाहिए। भगवान की शरणागति ही हमारा लक्ष्य है। सभी जीवों का अपना घर भगवान की शरणागति ही है। जब तक वह नहीं मिलेगा, तब तक हमारा प्रवास ही रहेगा।
गोविंदा की शरणागति करने का सामर्थ्य गोमाता में ही है। गोसेवा करने पर, उनकी कृपा से भगवान का साक्षात दर्शन हो जाता है। भगवान श्रीकृष्ण भी गोसेवा की कामना से ब्रज में आकर प्रत्यक्ष गोसेवा का सौभाग्य प्राप्त करते हैं। श्रीकृष्ण को हम पाना चाहते हैं और श्रीकृष्ण गाय को पाना चाहते हैं। इसलिए गाय की सेवा करो, श्रीकृष्ण स्वयं प्राप्त हो जाएंगे।
कथा व्यास ने कहा कि हमारा शरीर और यह संसार हमारा नहीं है, यह तो पराया है। हमारे अपने तो केवल भगवान ही हैं। इसलिए भगवान हमें पकड़े रहते हैं। हम भले ही उनको भूल जाते हैं, पर वे हमें कभी नहीं भूलते। इस बात की अनुभूति हम नहीं कर पाते, इसलिए दुःखी@ रहते हैं। यदि अनुभूति हो जाए तो हम दुःखी नहीं होंगे। संत समागम 🚩🕉️ आदेश 🕉️ कथा वाचक आचार्य संत योगी महेन्द्र नाथ जी 🚩 जय श्री राम 🚩 गोरख पुर सांसद रवी शंकर भी शामिल हुए 🚩
1 month ago | [YT] | 37
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Yogi Mahendra Nath
🇮🇳देश की आजादी को ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य बनाकर अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले अमर क्रांतिकारी भगत सिंह की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।
राष्ट्र के स्वाभिमान और गौरव की रक्षा हेतु उनका साहस, त्याग एवं बलिदान हम सभी के लिए चिरकाल तक प्रेरणापुंज बना रहेगा।🚩 जय श्री राम 🕉️ भाव मई श्रद्धाजलि अर्पण करते हुए संत योगी महेन्द्र नाथ जी महाराज 🕉️ आदेश 🕉️
1 month ago | [YT] | 5
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Yogi Mahendra Nath
1 month ago | [YT] | 49
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