वेतन का 1% हर माह (अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए) वनांचल स्थित प्राथमिक शाला रान्पा संकुल गढ़ उपरोड़ा में भी कुल 11 बच्चे अध्ययनरत हैं। सभी बच्चे धनुहार, मझवार और यादव समुदाय से आते है। आज विद्यालय में अध्ययनरत कुल 11 बच्चों में 39 कॉपी और पेंसिल बाटी गई। आज कुछ बच्चे अनुपस्थित थे उन्हें अगले दिनों में कॉपी मिल जाएगी। बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी है। अगली कड़ी में किन्हीं और बच्चों से मिलेंगे और उन्हें कॉपियां देंगे। टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद। अगर आप भी किसी तरह की मदद करना चाहते हैं तो हमें जरूर बताएं। ❤️😊🙏👍💐🤝❤️
वेतन का 1% हर माह (अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए) वनांचल स्थित प्राथमिक शाला कदमझेरिया में कुल 11 बच्चे अध्ययनरत हैं। सभी बच्चे विशेष जनजातीय समुदाय पहाड़ी कोरवा से आते है। इस जनजातीय समुदाय को राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र कहा जाता है। यह समुदाय अभावों में जीवन यापन करती है। आज इस समुदाय के विद्यालय में अध्ययनरत कुल 11 बच्चों में 37 कॉपी और पेंसिल बाटी गई। आज कुछ बच्चे अनुपस्थित थे उन्हें अगले दिनों में कॉपी मिल जाएगी। अंत में एक और बात यह फोटो लेने वाले को 21 तोपों की सलामी🤣😁 बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी है। अगली कड़ी में किन्हीं और बच्चों से मिलेंगे और उन्हें कॉपियां देंगे। टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद। अगर आप भी किसी तरह की मदद करना चाहते हैं तो हमें जरूर बताएं। ❤️😊🙏👍💐🤝❤️
वेतन का 1% हर माह (अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए) हमारे विद्यालय की सबसे अच्छी बच्ची वर्षा जो अब कक्षा 7 में अध्ययनरत है। हमारे बागवानी और पौधों के लिए किसी कोच से कम नहीं। गर्मी की छुट्टियों में वह लीडर का काम करती है। उसकी देखरेख में पौधों की देखभाल, खाद पानी देना आदि होता है। यह कोई एक दिन नहीं बल्कि पूरे 45 दिन चलता है। मैं कह सकता हूं कि मैं अपनी सारी जिम्मेदारी वर्षा के कंधों पर सौंप चला जाता हूं। बीच बीच में फोन से या आकर उसे गाइड करता रहा हूं। उसने भी अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभाई है। अब जिम्मेदारी निभाने की बारी हमारी थी। दशहरे की छुट्टियों में वह जब घर लौटी तो उसके लिए जूते तैयार थे। आज स्कूल बुलाकर उसे जूते सौंप दिए। वर्षा खुश तो हम भी खुश। बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी है। टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद। अगर आप भी किसी तरह की मदद करना चाहते हैं तो हमें जरूर बताएं। ❤️😊🙏👍💐🤝❤️
आज दशहरा की छुट्टियों के बाद पहला दिन था। बच्चों की उपस्थिति कम थी तो बच्चे ढूंढ़ने निकल गया। कुछ गांव से नहीं लौटे हैं तो कुछ मुझे देख भाग गए। मुझे मयंक मिला। मयंक 1 वर्ष से स्कूल छोड़ चुका है। इतने लंबे समय के बाद भी मै इसकी खोज खबर लेता रहा। पहले तो मुझे देख जंगल में भाग जाता था लेकिन धीरे धीरे इसका डर खत्म हो गया। मैने भी मुलाकात जारी रखा और स्कूल की बातें छोड़ जंगल, मछली पकड़ना और हाल चल पूछने तक अपने आपको सीमित कर लिया। मैने यह मान लिया कि अब यह स्कूल नहीं आएगा। दशहरे की छुट्टी से पहले फिर इससे मिलना हुआ। उस दिन इसने मुझसे दशहरे के बाद स्कूल आने की बाद कही। आज जब इससे मिला तो उसे उसकी कही यही बात याद दिलाई। आज की मुलाकात में उससे मैने केवल इतना ही कहा "केवल आज के लिए ही स्कूल चल, तुम्हे स्कूल अच्छा न लगे तो कल से मत जाना।" वह जैसा जिस कपड़े में था मेरे साथ बाइक में बैठ स्कूल आ गया, उसके पास न कोई कॉपी न कोई किताब। स्कूल में मैने उससे कई बार बात की और पूछा कि "स्कूल कैसा लग रहा है?" हर बार उसने अच्छा ही कहकर जवाब दिया। छुट्टी के समय उसे कल फिर आने को कहा है। कुछ दिन में उसे ड्रेस, बैग, कॉपी भी देने की बात कही है। अब मुझे यह देखना है कि वह कल स्कूल आता है या नहीं। मेरे पास खोने कों कुछ नहीं है क्योंकि मैने मान लिया है कि मयंक स्कूल छोड़ चुका। मैने कभी हिम्मत भी नहीं हारी है। बच्चों के लिए मेरा प्रयास अनवरत जारी है। बस मुझे कल का इंतजार है। उम्मीद है मयंक जरूर स्कूल आयेगा। कुछ दिनों में हम नंदू से भी मुलाकात करेंगे।
आज दशहरे की छुट्टी से पहले का दिन था। कल शाम जब पहाड़ी कोरवा परिवारों से मिलने गया था तो इनके बच्चे मुझे बिना कपड़ों के मिले थे। उसी समय इन सबको डांट लगाई और आज स्कूल आने कहा। आज बहुत से पहाड़ी कोरवा महिलाएं स्कूल पहुंची। आज उनको बच्चों और बड़ों के खूब सारे कपड़े दिए। मेरे उन सभी मित्रों का जिन्होंने मुझ तक कपड़े पहुंचाए थे, उन सभी का आभार। ठंड के दिन आने वाले हैं। जंगलों में भीषण ठंड पड़ती है। अतः आप के पास जो भी कपड़े हो जो आपके लिए अनुपयोगी हो वह हमें दे सकते हैं। साथ ही स्वेटर और कम्बल भी आप डोनेट कर सकते हैं।
आज हमारे विद्यालय प्राथमिक विद्यालय गढ़कटरा में दयाशंकर प्रजापति जी (सतरेंगा) की ओर से नवरात्रि के उपलक्ष्य में पूर्ण न्योता भोज का आयोजन किया गया। भोजन में बच्चों को चावल, दाल, सब्जी, खीर और पूड़ी परोसा गया। बच्चों ने भोजन का भरपूर लुत्फ उठाया। भोजन के साथ ही दया ने 50 कॉपियां भी प्रदान की। यह बच्चों की जरूरतों को पूरा करेगी। इस अच्छी सोच और पहल के लिए भाई दयाशंकर का आभार और धन्यवाद। आप भी विभिन्न अवसरों पर बच्चों के लिए पूर्ण या आंशिक या फलों का दान कर सकते हैं। आप अपनी खुशी और सामर्थ्य अनुसार जो भी चीजें देंगे वह सब स्वीकार है। इससे आत्म संतुष्टि के साथ ही दोहरी खुशी मिलती है। आप सभी ऐसी अच्छी पहल अवश्य करें।
वेतन का 1% हर माह (अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए) एक बार फिर हमारा कारवां कोरबा की ओर मुड़ गया है। कुछ दिन पूर्व बबीता मैम जी के पास उनके बच्चों के लिए कॉपियां छोड़ गया था। बबीता मैम ने ही अपने बच्चों को कॉपियां बांटी। प्राथमिक शाला बालकों में अध्ययनरत 26 बच्चों में 72 कॉपियां बांटी गई। बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी है। अगली कड़ी में किन्हीं और बच्चों से मिलेंगे और उन्हें कॉपियां देंगे। टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद। अगर आप भी किसी तरह की मदद करना चाहते हैं तो हमें जरूर बताएं। ❤️😊🙏👍💐🤝❤️
आज सुबह सुबह मैं चलेश्वरी मैम को तकलीफ देने उनके घर पोड़ीबहार कोरबा पहुंच गया। ऐसा नहीं है कि मेरे पास समय ही समय हो। मैने अपने दोनों बच्चों को कंप्यूटर सेंटर छोड़ा। कुछ पैसे नाश्ते और किराए के दिए और कहा कि बस पकड़ घर चले जाना। आज नवरात्रि का पहला दिन था तो मैम भी जल्दी में थी। उनके यहां पहुंच उनके छत का गार्डन देख मन गदगद हो गया। मैम बहुत जबरदस्त गार्डर्निंग का शौक रखती हैं। उनके गार्डन से कुछ पौधे मुझे मिल गए। ऐसे मैं थोड़ा लेट भी हो गया। जुलाई में ही उनसे पौधे लेना था। उनके सर ने भी मुझसे यही बात कही। खैर देर भले हुई पर अब पौधे मिल गए हैं। जल्दी ही इन्हें मैं अपने गार्डन में लगाऊंगा। जल्दी ही गमले भी खरीदना होगा। इतने सारे पौधे के लिए शुक्रिया मैम जी। 🙏😊👌❤️🌵🤝🌳🤗
पौधरोपण का कार्य खत्म होने के बाद आज बस्ता मुक्त शनिवार को सभी बच्चों ने गार्डनिंग का कार्य सीखा। हमनें टूटी बाल्टियां, डिब्बे आदि को गमले का रूप दिया। बबीता मैम से मिले पौधे इसमें लगाए गए। कुल 40 गमलों में अलग अलग तरह के पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों के नाम भी मुझे पता नहीं हैं। बाद के दिनों में और भी पौधे लगाएंगे। गमलों में रंग भरना भी अभी बाकी है। किन्हीं के पास पौधे हो तो हमें दे सकते हैं। थैंक यू Babita Choudhary मैम जी। कोई मित्र हमें गमले डोनेट करना चाहें तो उनका बहुत बहुत स्वागत है। 🙏❤️😊🤝🌳☘️🌵
वेतन का 1% हर माह (अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए) एक बार फिर हम बस्तर की ओर चलते हैं। बस्तर में हमारे सबसे अधिक साथी हैं। इसलिए इस वर्ष बस्तर में बहुत कॉपियां बांटी जा रही हैं। इनमें से एक रितु मैम हैं। रितु मैम ने ही प्राथमिक शाला बड़कोट के बच्चों तक कॉपियां पहुंचाई हैं। यहां अध्ययनरत भतरा और मुरिया जनजाति के 24 बच्चों में 86 कॉपियां बांटी। खुशी की बात यह भी है कि यह 50वाँ स्कूल है। 2 वर्षों में 50 स्कूल और 1500 बच्चे यह हमारी उपलब्धि है। अगली कड़ी में बालकों और दुर्ग के बच्चे लाभान्वित होंगे। ऐसे बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी है। अगले कड़ी में किन्हीं और बच्चों से मिलेंगे और उन्हें कॉपियां देंगे। टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद। अगर आप भी किसी तरह की मदद करना चाहते हैं तो हमें जरूर बताएं। ❤️😊🙏👍💐🤝❤️
Shrikant Vlog
वेतन का 1% हर माह
(अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए)
वनांचल स्थित प्राथमिक शाला रान्पा संकुल गढ़ उपरोड़ा में भी कुल 11 बच्चे अध्ययनरत हैं। सभी बच्चे धनुहार, मझवार और यादव समुदाय से आते है। आज विद्यालय में अध्ययनरत कुल 11 बच्चों में 39 कॉपी और पेंसिल बाटी गई। आज कुछ बच्चे अनुपस्थित थे उन्हें अगले दिनों में कॉपी मिल जाएगी।
बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी है। अगली कड़ी में किन्हीं और बच्चों से मिलेंगे और उन्हें कॉपियां देंगे। टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद। अगर आप भी किसी तरह की मदद करना चाहते हैं तो हमें जरूर बताएं।
❤️😊🙏👍💐🤝❤️
श्रीकांत
9926848192
1% salary initiative 😊
3 days ago | [YT] | 7
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वेतन का 1% हर माह
(अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए)
वनांचल स्थित प्राथमिक शाला कदमझेरिया में कुल 11 बच्चे अध्ययनरत हैं। सभी बच्चे विशेष जनजातीय समुदाय पहाड़ी कोरवा से आते है। इस जनजातीय समुदाय को राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र कहा जाता है। यह समुदाय अभावों में जीवन यापन करती है। आज इस समुदाय के विद्यालय में अध्ययनरत कुल 11 बच्चों में 37 कॉपी और पेंसिल बाटी गई। आज कुछ बच्चे अनुपस्थित थे उन्हें अगले दिनों में कॉपी मिल जाएगी। अंत में एक और बात यह फोटो लेने वाले को 21 तोपों की सलामी🤣😁
बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी है। अगली कड़ी में किन्हीं और बच्चों से मिलेंगे और उन्हें कॉपियां देंगे। टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद। अगर आप भी किसी तरह की मदद करना चाहते हैं तो हमें जरूर बताएं।
❤️😊🙏👍💐🤝❤️
श्रीकांत
9926848192
5 days ago | [YT] | 11
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वेतन का 1% हर माह
(अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए)
हमारे विद्यालय की सबसे अच्छी बच्ची वर्षा जो अब कक्षा 7 में अध्ययनरत है। हमारे बागवानी और पौधों के लिए किसी कोच से कम नहीं। गर्मी की छुट्टियों में वह लीडर का काम करती है। उसकी देखरेख में पौधों की देखभाल, खाद पानी देना आदि होता है। यह कोई एक दिन नहीं बल्कि पूरे 45 दिन चलता है। मैं कह सकता हूं कि मैं अपनी सारी जिम्मेदारी वर्षा के कंधों पर सौंप चला जाता हूं। बीच बीच में फोन से या आकर उसे गाइड करता रहा हूं। उसने भी अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभाई है। अब जिम्मेदारी निभाने की बारी हमारी थी। दशहरे की छुट्टियों में वह जब घर लौटी तो उसके लिए जूते तैयार थे। आज स्कूल बुलाकर उसे जूते सौंप दिए। वर्षा खुश तो हम भी खुश।
बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी है। टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद। अगर आप भी किसी तरह की मदद करना चाहते हैं तो हमें जरूर बताएं।
❤️😊🙏👍💐🤝❤️
श्रीकांत
9926848192
6 days ago | [YT] | 14
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आज दशहरा की छुट्टियों के बाद पहला दिन था। बच्चों की उपस्थिति कम थी तो बच्चे ढूंढ़ने निकल गया। कुछ गांव से नहीं लौटे हैं तो कुछ मुझे देख भाग गए। मुझे मयंक मिला। मयंक 1 वर्ष से स्कूल छोड़ चुका है। इतने लंबे समय के बाद भी मै इसकी खोज खबर लेता रहा। पहले तो मुझे देख जंगल में भाग जाता था लेकिन धीरे धीरे इसका डर खत्म हो गया। मैने भी मुलाकात जारी रखा और स्कूल की बातें छोड़ जंगल, मछली पकड़ना और हाल चल पूछने तक अपने आपको सीमित कर लिया। मैने यह मान लिया कि अब यह स्कूल नहीं आएगा।
दशहरे की छुट्टी से पहले फिर इससे मिलना हुआ। उस दिन इसने मुझसे दशहरे के बाद स्कूल आने की बाद कही। आज जब इससे मिला तो उसे उसकी कही यही बात याद दिलाई। आज की मुलाकात में उससे मैने केवल इतना ही कहा "केवल आज के लिए ही स्कूल चल, तुम्हे स्कूल अच्छा न लगे तो कल से मत जाना।" वह जैसा जिस कपड़े में था मेरे साथ बाइक में बैठ स्कूल आ गया, उसके पास न कोई कॉपी न कोई किताब। स्कूल में मैने उससे कई बार बात की और पूछा कि "स्कूल कैसा लग रहा है?" हर बार उसने अच्छा ही कहकर जवाब दिया।
छुट्टी के समय उसे कल फिर आने को कहा है। कुछ दिन में उसे ड्रेस, बैग, कॉपी भी देने की बात कही है। अब मुझे यह देखना है कि वह कल स्कूल आता है या नहीं। मेरे पास खोने कों कुछ नहीं है क्योंकि मैने मान लिया है कि मयंक स्कूल छोड़ चुका। मैने कभी हिम्मत भी नहीं हारी है। बच्चों के लिए मेरा प्रयास अनवरत जारी है। बस मुझे कल का इंतजार है। उम्मीद है मयंक जरूर स्कूल आयेगा। कुछ दिनों में हम नंदू से भी मुलाकात करेंगे।
श्रीकांत
9926848192
1 week ago | [YT] | 20
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आज दशहरे की छुट्टी से पहले का दिन था। कल शाम जब पहाड़ी कोरवा परिवारों से मिलने गया था तो इनके बच्चे मुझे बिना कपड़ों के मिले थे। उसी समय इन सबको डांट लगाई और आज स्कूल आने कहा। आज बहुत से पहाड़ी कोरवा महिलाएं स्कूल पहुंची। आज उनको बच्चों और बड़ों के खूब सारे कपड़े दिए। मेरे उन सभी मित्रों का जिन्होंने मुझ तक कपड़े पहुंचाए थे, उन सभी का आभार।
ठंड के दिन आने वाले हैं। जंगलों में भीषण ठंड पड़ती है। अतः आप के पास जो भी कपड़े हो जो आपके लिए अनुपयोगी हो वह हमें दे सकते हैं। साथ ही स्वेटर और कम्बल भी आप डोनेट कर सकते हैं।
श्रीकांत
9926848192
1 week ago | [YT] | 12
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#नवरात्रि_न्योता_भोज
आज हमारे विद्यालय प्राथमिक विद्यालय गढ़कटरा में दयाशंकर प्रजापति जी (सतरेंगा) की ओर से नवरात्रि के उपलक्ष्य में पूर्ण न्योता भोज का आयोजन किया गया। भोजन में बच्चों को चावल, दाल, सब्जी, खीर और पूड़ी परोसा गया। बच्चों ने भोजन का भरपूर लुत्फ उठाया। भोजन के साथ ही दया ने 50 कॉपियां भी प्रदान की। यह बच्चों की जरूरतों को पूरा करेगी। इस अच्छी सोच और पहल के लिए भाई दयाशंकर का आभार और धन्यवाद।
आप भी विभिन्न अवसरों पर बच्चों के लिए पूर्ण या आंशिक या फलों का दान कर सकते हैं। आप अपनी खुशी और सामर्थ्य अनुसार जो भी चीजें देंगे वह सब स्वीकार है। इससे आत्म संतुष्टि के साथ ही दोहरी खुशी मिलती है। आप सभी ऐसी अच्छी पहल अवश्य करें।
श्रीकांत
9926848192
2 weeks ago | [YT] | 10
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वेतन का 1% हर माह
(अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए)
एक बार फिर हमारा कारवां कोरबा की ओर मुड़ गया है। कुछ दिन पूर्व बबीता मैम जी के पास उनके बच्चों के लिए कॉपियां छोड़ गया था। बबीता मैम ने ही अपने बच्चों को कॉपियां बांटी। प्राथमिक शाला बालकों में अध्ययनरत 26 बच्चों में 72 कॉपियां बांटी गई।
बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी है। अगली कड़ी में किन्हीं और बच्चों से मिलेंगे और उन्हें कॉपियां देंगे। टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद। अगर आप भी किसी तरह की मदद करना चाहते हैं तो हमें जरूर बताएं।
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श्रीकांत
9926848192
2 weeks ago | [YT] | 8
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आज सुबह सुबह मैं चलेश्वरी मैम को तकलीफ देने उनके घर पोड़ीबहार कोरबा पहुंच गया। ऐसा नहीं है कि मेरे पास समय ही समय हो। मैने अपने दोनों बच्चों को कंप्यूटर सेंटर छोड़ा। कुछ पैसे नाश्ते और किराए के दिए और कहा कि बस पकड़ घर चले जाना। आज नवरात्रि का पहला दिन था तो मैम भी जल्दी में थी। उनके यहां पहुंच उनके छत का गार्डन देख मन गदगद हो गया। मैम बहुत जबरदस्त गार्डर्निंग का शौक रखती हैं। उनके गार्डन से कुछ पौधे मुझे मिल गए। ऐसे मैं थोड़ा लेट भी हो गया। जुलाई में ही उनसे पौधे लेना था। उनके सर ने भी मुझसे यही बात कही। खैर देर भले हुई पर अब पौधे मिल गए हैं। जल्दी ही इन्हें मैं अपने गार्डन में लगाऊंगा। जल्दी ही गमले भी खरीदना होगा। इतने सारे पौधे के लिए शुक्रिया मैम जी।
🙏😊👌❤️🌵🤝🌳🤗
श्रीकांत
9926848192
2 weeks ago | [YT] | 15
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पौधरोपण का कार्य खत्म होने के बाद आज बस्ता मुक्त शनिवार को सभी बच्चों ने गार्डनिंग का कार्य सीखा। हमनें टूटी बाल्टियां, डिब्बे आदि को गमले का रूप दिया। बबीता मैम से मिले पौधे इसमें लगाए गए। कुल 40 गमलों में अलग अलग तरह के पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों के नाम भी मुझे पता नहीं हैं। बाद के दिनों में और भी पौधे लगाएंगे। गमलों में रंग भरना भी अभी बाकी है। किन्हीं के पास पौधे हो तो हमें दे सकते हैं।
थैंक यू Babita Choudhary मैम जी। कोई मित्र हमें गमले डोनेट करना चाहें तो उनका बहुत बहुत स्वागत है।
🙏❤️😊🤝🌳☘️🌵
श्रीकांत
9926848192
2 weeks ago | [YT] | 6
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वेतन का 1% हर माह
(अभावग्रस्त जनजातीय बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए)
एक बार फिर हम बस्तर की ओर चलते हैं। बस्तर में हमारे सबसे अधिक साथी हैं। इसलिए इस वर्ष बस्तर में बहुत कॉपियां बांटी जा रही हैं। इनमें से एक रितु मैम हैं। रितु मैम ने ही प्राथमिक शाला बड़कोट के बच्चों तक कॉपियां पहुंचाई हैं। यहां अध्ययनरत भतरा और मुरिया जनजाति के 24 बच्चों में 86 कॉपियां बांटी। खुशी की बात यह भी है कि यह 50वाँ स्कूल है। 2 वर्षों में 50 स्कूल और 1500 बच्चे यह हमारी उपलब्धि है। अगली कड़ी में बालकों और दुर्ग के बच्चे लाभान्वित होंगे।
ऐसे बच्चों की शिक्षा की बेहतरी के लिए हमारा प्रयास निरंतर जारी है। अगले कड़ी में किन्हीं और बच्चों से मिलेंगे और उन्हें कॉपियां देंगे। टीम के सभी सदस्यों का आभार और धन्यवाद। अगर आप भी किसी तरह की मदद करना चाहते हैं तो हमें जरूर बताएं।
❤️😊🙏👍💐🤝❤️
श्रीकांत
9926848192
2 weeks ago | [YT] | 8
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