क्या आपने कभी सोचा है कि इंसान के भीतर भी कोई ऐसा द्वार हो सकता है, जो बाहर नहीं बल्कि अंदर की ओर खुलता है?
हमारी इंद्रियाँ हमें लगातार बाहरी दुनिया की ओर खींचती रहती हैं। इसी कारण मन भी बाहर की चीज़ों में उलझा रहता है।
संतमत की साधना में दसवाँ द्वार एक ऐसे आंतरिक मार्ग के रूप में समझाया जाता है, जहाँ साधक अपने ध्यान को बाहरी विषयों से समेटकर भीतर की ओर ले जाने का प्रयास करता है।
इसे केवल किसी स्थान या शारीरिक बिंदु की कल्पना समझना पर्याप्त नहीं है। Meditation, Naam Simran और Surat Shabd Yoga जैसी साधनाओं का मूल उद्देश्य मन को स्थिर करके अपने भीतर की ओर ध्यान लगाना बताया जाता है।
जब मन की शांति, अंतर की यात्रा और आत्मिक जागृति की बात होती है, तो सवाल सिर्फ इतना नहीं रह जाता कि हम बाहर क्या देख रहे हैं...
सवाल यह भी है:
क्या हमने कभी अपने भीतर देखने की कोशिश की है?
शायद सच्चा अध्यात्म बाहर कुछ नया खोजने से पहले, अपने भीतर के शोर को शांत करने से शुरू होता है। 🙏
अगर यह विचार आपको सोचने पर मजबूर करता है, तो इसे किसी ऐसे व्यक्ति के साथ शेयर करें जो ध्यान और अध्यात्म में रुचि रखता है।
Path Of Shabad
1 week ago | [YT] | 7
View 1 reply
Path Of Shabad
1 week ago | [YT] | 6
View 0 replies
Path Of Shabad
क्या आपने कभी सोचा है कि इंसान के भीतर भी कोई ऐसा द्वार हो सकता है, जो बाहर नहीं बल्कि अंदर की ओर खुलता है?
हमारी इंद्रियाँ हमें लगातार बाहरी दुनिया की ओर खींचती रहती हैं। इसी कारण मन भी बाहर की चीज़ों में उलझा रहता है।
संतमत की साधना में दसवाँ द्वार एक ऐसे आंतरिक मार्ग के रूप में समझाया जाता है, जहाँ साधक अपने ध्यान को बाहरी विषयों से समेटकर भीतर की ओर ले जाने का प्रयास करता है।
इसे केवल किसी स्थान या शारीरिक बिंदु की कल्पना समझना पर्याप्त नहीं है। Meditation, Naam Simran और Surat Shabd Yoga जैसी साधनाओं का मूल उद्देश्य मन को स्थिर करके अपने भीतर की ओर ध्यान लगाना बताया जाता है।
जब मन की शांति, अंतर की यात्रा और आत्मिक जागृति की बात होती है, तो सवाल सिर्फ इतना नहीं रह जाता कि हम बाहर क्या देख रहे हैं...
सवाल यह भी है:
क्या हमने कभी अपने भीतर देखने की कोशिश की है?
शायद सच्चा अध्यात्म बाहर कुछ नया खोजने से पहले, अपने भीतर के शोर को शांत करने से शुरू होता है। 🙏
अगर यह विचार आपको सोचने पर मजबूर करता है, तो इसे किसी ऐसे व्यक्ति के साथ शेयर करें जो ध्यान और अध्यात्म में रुचि रखता है।
1 week ago | [YT] | 15
View 0 replies
Path Of Shabad
3 weeks ago | [YT] | 5
View 0 replies
Path Of Shabad
सुरत शब्द योग......
3 weeks ago | [YT] | 16
View 0 replies
Path Of Shabad
क्या आपने कभी पूरी वाणी पढ़ी है, या सिर्फ़ एक लाइन सुनकर निष्कर्ष बना लिया? 🤔
कुछ डोंगी गुरु केवल एक पंक्ति...
"पाँचौ नाम काल के जानौ"
...दिखाकर लोगों को यह विश्वास दिलाते हैं कि पाँच रूहानी मंडलों के पाँच शब्द काल के हैं।
लेकिन क्या आपने इसके नीचे लिखी पूरी वाणी पढ़ी?
तुलसी साहब स्पष्ट रूप से पाँच नाम बताते हैं:
1. निर्गुन
2. निराकार
3. निरबाना
4. निरंजन
5. धर्मराई
वाणी में साफ़ लिखा है:
"निरगुन निराकार निरबानी ।
धर्मराय यों पाँच बखानी ॥"
और दूसरी वाणी में भी यही पाँच नाम दोबारा बताए गए हैं:
"पाँच नाम निर्गुन के जाना।
निर्गुन निराकार निरबाना ॥
और निरंजन है धर्मराई।
ऐसे पाँच नाम गति गाई ॥"
जब प्रमाण स्वयं वाणी में मौजूद है, तो फिर आधी बात बताकर लोगों को भ्रमित क्यों किया जाता है?
सत्य को जानने का सबसे अच्छा तरीका है कि पूरी वाणी पढ़ी जाए, न कि किसी के कहे हुए निष्कर्ष पर विश्वास किया जाए।
3 months ago | [YT] | 31
View 1 reply
Path Of Shabad
5 months ago | [YT] | 22
View 2 replies
Path Of Shabad
5 months ago | [YT] | 40
View 0 replies
Path Of Shabad
5 months ago | [YT] | 23
View 0 replies
Path Of Shabad
सोहंग: आत्मा की असली पहचान ✨
5 months ago | [YT] | 30
View 0 replies
Load more