कल्पना कीजिए, आज से पौने दो सौ साल पहले का वह दौर, जब देश गुलामी की जंजीरों से जकड़ा था, जब वर्ण व्यवस्था इस कदर हावी थी कि दलितों और महिलाओं के लिए पढ़ना-लिखना तो छोड़िए, इस बारे में सोचना भी अपराध माना जाता था, जब स्त्रियों का जीवन संसार, घर की देहरी तक ही सीमित था, तब एक दलित किशोरी ने किस तरह देश की पहली महिला शिक्षिका बनने की यात्रा पूरी की होगी !
भारत की आजादी से 100 साल पहले अपने पति ज्योतिबा फुले के साथ मिल कर सावित्रीबाई फुले ने पितृसत्ता और स्त्री विरोधी मान्यताओं को ध्वस्त कर स्त्री मुक्ति का जो इतिहास लिखा उसके लिए मानव जाति हमेशा उनकी ऋणी रहेगी.
महिलाओं की आजादी का रास्ता तैयार करने वाली महान शिक्षिका सावित्रीबाई फुले को जयंती पर नमन !
जनभावनाओं का सम्मान करने वाली हैंडसम सरकार का सम्मान कीजिए, जिसने जनता की भारी 'मांग' पर दिन रात 'जनसेवा' में लीन गरीब दायित्वधारियों के वेतन भत्तों में वृद्धि कर दी है. सरकार ने यह आदेश विगत अक्टूबर माह में ही जारी कर दिया था.
वृद्धि के बाद मिलने वाली राशि का ब्यौरा भी जान लीजिए...
वेतन - 45000 टैक्सी - 80000 कार्यालय/ आवास - 25000 टेलीफोन - 2000 स्टाफ - 15000 चपरासी 12000 रुपये मासिक।
इसके अलावा रेल के लिए एक उच्च श्रेणी बर्थ, हवाई यात्रा के लिए महीने में दो बार एक टिकट और यात्रा के दौरान सरकारी गेस्ट हाउस में ठहरने की निःशुल्क सुविधा भी मिलेगी।
इस क्रांतिकारी निर्णय के लिए सरकार बहादुर का दिल से आभार... जय उत्तराखंड!
Uttarakhand Gazetteer
कल्पना कीजिए, आज से पौने दो सौ साल पहले का वह दौर, जब देश गुलामी की जंजीरों से जकड़ा था, जब वर्ण व्यवस्था इस कदर हावी थी कि दलितों और महिलाओं के लिए पढ़ना-लिखना तो छोड़िए, इस बारे में सोचना भी अपराध माना जाता था, जब स्त्रियों का जीवन संसार, घर की देहरी तक ही सीमित था, तब एक दलित किशोरी ने किस तरह देश की पहली महिला शिक्षिका बनने की यात्रा पूरी की होगी !
भारत की आजादी से 100 साल पहले अपने पति ज्योतिबा फुले के साथ मिल कर सावित्रीबाई फुले ने पितृसत्ता और स्त्री विरोधी मान्यताओं को ध्वस्त कर स्त्री मुक्ति का जो इतिहास लिखा उसके लिए मानव जाति हमेशा उनकी ऋणी रहेगी.
महिलाओं की आजादी का रास्ता तैयार करने वाली महान शिक्षिका सावित्रीबाई फुले को जयंती पर नमन !
2 years ago | [YT] | 0
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जनभावनाओं का सम्मान करने वाली हैंडसम सरकार का सम्मान कीजिए, जिसने जनता की भारी 'मांग' पर दिन रात 'जनसेवा' में लीन गरीब दायित्वधारियों के वेतन भत्तों में वृद्धि कर दी है. सरकार ने यह आदेश विगत अक्टूबर माह में ही जारी कर दिया था.
वृद्धि के बाद मिलने वाली राशि का ब्यौरा भी जान लीजिए...
वेतन - 45000
टैक्सी - 80000
कार्यालय/ आवास - 25000
टेलीफोन - 2000
स्टाफ - 15000
चपरासी 12000 रुपये मासिक।
इसके अलावा रेल के लिए एक उच्च श्रेणी बर्थ, हवाई यात्रा के लिए महीने में दो बार एक टिकट और यात्रा के दौरान सरकारी गेस्ट हाउस में ठहरने की निःशुल्क सुविधा भी मिलेगी।
इस क्रांतिकारी निर्णय के लिए सरकार बहादुर का दिल से आभार...
जय उत्तराखंड!
2 years ago | [YT] | 3
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Uttarakhand Gazetteer
कोरोना अलर्ट
केरल में कोरोना के नए वेरिएंट JN-1 मिलने के बाद उत्तराखंड शासन ने जारी की SOP
2 years ago | [YT] | 1
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Uttarakhand Gazetteer
खटीमा और मसूरी गोलीकांड के शहीदों को शत् शत् नमन..!
3 years ago | [YT] | 2
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