लेखक व कवि उमानाथ त्रिपाठी पुत्र स्व० रामनरेश त्रिपाठी जी मूलतः जिला सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश से संबद्ध रखते हैं और पिछले चार दशकों से निरंतर साहित्य-साधना में सक्रिय रचनाकार हैं। दोहा, गीत, मुक्तछंद कविता, कहानी, समीक्षा एवं वैचारिक लेखन प्रमुख साहित्यिक विधाएँ हैं। रचनाओं में अध्यात्म, दर्शन, प्रकृति, मानवीय संवेदना और जीवन-दर्शन का सहज समन्वय दिखाई देता है।
भगवद् चर्चा एवं साहित्य साधना मंच” के संस्थापक। “ माँ शारदे काव्य मंच” में संयोजक तथा “अंतर्राष्ट्रीय मंच सुर संगम काव्य गंगा धारा” में संचालन ॥ विभिन्न प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं द्वारा अनेक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत ।
प्रमुख कृतियाँ
‘1, उमा वाणी’ — पद्य संग्रह
‘2. मेरा सफर मेरी दास्ताँ’ - गद्य
3, मेरी लेखनी मेरे विचार- गद्य
4. 500 दोहों का संग्रह
5. Blog पर 400 काव्य
Hobby- लेखन-पठन, स्वाध्याय, भ्रमण, प्रकृति-प्रेम, अध्यात्म एवं जीवन-दर्शन ! साहित्य को आत्मचिंतन के साथ-साथ समाज और मानव-मूल्यों से संवाद का सशक्त माध्यम !
उमानाथ त्रिपाठी
स्वतंत्र लेखक, समीक्षक एवं रचनाकार
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